यूपीपीएससी (UPPSC) ने चयन प्रक्रिया में किया बदलाव, मेरिट लिस्ट में जोड़े जाएंगे स्क्रीनिंग टेस्ट के अंक

Last Modified: 24 May 2022

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने डायरेक्ट रिक्रूटमेंट की चयन प्रक्रिया में बदलाव किया है। यूपीपीएसीसी ने फैसला लिया है कि अब से उम्मीदवार के सेलेक्शन प्रोसेस में स्क्रीनिंग टेस्ट में 50 प्रतिशत अंक को और इंटरव्यू में 50 प्रतिशत अंक को जोड़ा जाएगा। अभी तक यूपीपीएससी द्वारा डायरेक्ट भर्ती में कैंडिडेट्स का चयन केवल इंटरव्यू में स्कोर किए गए अंक के आधार पर किया जाता था। पहले स्क्रीनिंग टेस्ट के मार्क्स जोड़े नहीं जाते थे।

रिपोर्ट के अनुसार, अब से यूपीपीएससी (Uttar Pradesh Public Service Commission) की चयन प्रक्रिया में बदलाव होने के बाद स्क्रीनिंग टेस्ट के अंक जोड़कर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। नियम के मुताबिक, स्क्रीनिंग टेस्ट तभी आयोजित किया जाता है जब 50 या उस से अधिक पोस्ट हो या फिर 1000 से ज्यादा उम्मीदवार हो।

डायरेक्ट रिक्रूटमेंट –

  • स्क्रीनिंग टेंस्ट में 50% अंक।
  • इंटरव्यू में 50% अंक।

रिव्यू के बाद समिति का फैसला -

यूपीपीएससी चयन प्रक्रिया को लेकर काफी सारे कैंडिडेट्स ने आपत्ति जताई थी। जिसके बाद आयोग ने चयन प्रक्रिया का रिव्यू करने के लिए जाचं समिति का गठन किया था। इसके बाद यूपीपीएससी ने समिति की सिफारिश पर परिवर्तन किया।

यूपीपीएससी (UPPSC) के बारे में -

यूपीपीएससी राज्य सरकार के विभागों के लिए स्टेट मेडिकल कॉलेजों, इंजीनियरों, डायरेक्टरों और असिस्टेंट डायरेक्टरों में आयुष डॉक्टरों / लेक्चरर का चयन करने के लिए डायरेक्ट रिक्रटूमेंट आयोजित करता है।

यूपीपीएससी पीसीएस (UPPSC PCS) -

इसके अलावा यूपीपीएससी पीसीएस लिखित परीक्षा भी राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कराती है। यह सबॉर्डिनेट सर्विस परीक्षा अन्य राज्य की स्टेट सर्विस परीक्षा के समकक्ष होती है। इस परीक्षा को यूपीपीसीएस (UP Provincial Civil Services) के नाम से भी जाना जाता है।

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