वर्ष 2017 समीक्षाः राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अहम 10 महत्वपूर्ण बदलाव

Last Modified: 04 Dec 2022

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने इस साल की शिक्षा नीति को लेकर गुरुवार को समीक्षा रिपोर्ट जारी की है। देश की शिक्षा प्रणाली में अहम बदलाव के लिए वर्ष 2017 महत्वपूर्ण रहा है।

वर्ष 2017 शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में मील का पत्थर भी साबित हुआ है। और सरकार ने देश के 150 से अधिक शिक्षा विशेषज्ञों की इसमें राय ली और इसे तीन चरणों में लागू करने की योजना बनाई है।  

2017 वर्ष के अंत की समीक्षा की 10 प्रमुख विशेषताएः

  1. नई शिक्षा नीति में पाठ्य सामग्री, परीक्षा प्रणाली, छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा में कौशल और रोजगार, स्कूली शिक्षा का स्तर, संस्कृत भाषा, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, नवाचार पर जोर और शिक्षकों को कौशल विकास के साथ ही छात्रों के अधिकार आदि सुनिश्चित करना भी शामिल है।
  2. सरकर का ऑनलाइन शिक्षा को महत्व देना है ताकि शिक्षा कभी भी और कहीं से भी की जा सके।
  3. प्रत्येक कक्षा के लिए इन भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू) में प्राथमिक स्तर पर गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम को विकसित किया गया है।
  4. सेक्शन 23 (2) एक्ट के तहत शिक्षक प्रशिक्षण की तिथि को 31 मार्च 2019 तक बढ़ा दिया गया है।
  5. 2017-18 में ऐसा पहली बार हो रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा और अच्छे स्तर पर पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
  6. एनसीआरटी (NCRT) ने अगस्त 2017 में एक पोर्टल शुरू किया है, जिससे व्यक्तियों, स्कूलों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्यक्ष रूप से किताबें खरीदने की सुविधा मिलेगी।
  7. स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार- राष्ट्रीय स्तर पर 643 स्कूलों का मूल्यांकन किया गया और 1 सितंबर, 2017 को 172 विद्यालयों को नेशनल अवार्ड दिया गया जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।
  8. केंद्रीय विद्यालयों में टैबलेट्स बांटे गए हैं। यह टैबलेट्स आठवीं कक्षा के छात्रों को दिया गया है।
  9. आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गुवाहटी, आईआईटी कानपुर, आईआईटी हैदराबाद और आईआईएससी बैंगलोर में पांच नए रिसर्च पार्क के लिए 75 करोड़ रु. की मंजूरी दी गई है।
  10. राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी और यूजीसी (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) अधिनियम आदि शामिल हैं।

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