कक्षा 12 वीं के छात्रों के लिए सस्पेंस जारी है: सी.बी.एस.ई बोर्ड परीक्षा परिणाम 2017 विलंबित

Published on : 24th May 2017    Author : Tanvi Mittal
all

सी.बी.एस.ई (CBSE) बोर्ड परिणाम कक्षा 12 वीं वर्ष 2017 के लिए विलंबित । परिणाम 24 मई (बुधवार) को घोषित किए जाने के लिए निर्धारित किए गए थे, लेकिन बोर्ड ने परिणामों को रोक दिया है । परिणाम घोषणा की तिथि पर कोई जानकारी नहीं है; लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड परिणामों की घोषणा से 24 घंटे पहले आधिकारिक वेबसाइट (cbse.nic.in और cbseresults.nic.in) पर एक अधिसूचना जारी करेगा। बोर्ड के एक अधिकारी ने एक अख़बार को बताया कि परिणाम शुक्रवार से पहले नहीं आएंगे।

सीबीएसई परिणामों में देरी का कारण बोर्ड को दिल्ली उच्च न्यायालय का आदेश है । उच्च न्यायालय ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए बोर्ड को अपनी 'मार्क्स मॉडरेशन' नीति बनाए रखने के लिए कहा है । यह कहा गया है कि इस वर्ष नीति को खारिज करने से छात्रों पर 'कठोर प्रभाव' होगा। यह भी कहा गया है कि बोर्ड का फैसला 'अनुचित और गैर जिम्मेदाराना’ था। उच्च न्यायालय के अनुसार बोर्ड 2018 से नीति को खारिज कर सकता है।

सीबीएसई बोर्ड के परिणामों में देरी ने बोर्ड पर दबाव बढ़ा दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अंडर-ग्रेजुएट कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जो इस दबाव को और बढ़ा रही है ।

Check the news in English - https://www.examsplanner.in/cbse-board-result-delayed/

Also Check -

CBSE 12th Result Declared


About the Author: Tanvi Mittal

Former content manager at one of the country’s leading dailies, Tanvi Mittal specialises in academic writing. With two decades of experience and expertise in writing, she is the spearhead of Exams Planner’s content team. Commitment to brilliance and dedication to writing, strategizing and doing extensive research are her biggest passions. With only objective to provide high quality and researched based content, Tanvi constantly thrives to make a difference with her knowledge.

When not working for the betterment of students, she loves to cook and dance. Also, a great orator, Tanvi has participated in several international conferences. She has got her writings published in many journals and penned numerous short stories for kids.



0 Comments